कानपुर के चकेरी में चांदी प्रोसेसिंग कारखाने से 45 लाख की चांदी चोरी, छत के रास्ते घुसा चोर; सीसीटीवी में कैद, पुलिस की पांच टीमें तलाश में
चकेरी के पोखरपुर में चांदी गलाने वाले कारखाने से करीब 18 किलो चांदी (45 लाख) चोरी। चोर सीसीटीवी में कैद, पुलिस की पांच टीमें तलाश में। जानिए कारोबारियों के लिए सुरक्षा उपाय।

मुख्य बातें:
चकेरी थाना क्षेत्र के पोखरपुर में चांदी प्रोसेसिंग कारखाने से सोमवार तड़के करीब 18 किलो चांदी चोरी हो गई।
चोरी गई चांदी की कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है।
रिपोर्टों के अनुसार चोर छत के रास्ते अंदर घुसा। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
घटना के समय कारखाने में दो कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन उन्हें चोरी का पता नहीं चला।
पुलिस ने पांच टीमें बनाई हैं और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कानपुर में त्योहारों के सीजन से ठीक पहले सराफा कारोबार से जुड़े लोगों को हिला देने वाली घटना सामने आई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार चकेरी थाना क्षेत्र के पोखरपुर में एक चांदी प्रोसेसिंग कारखाने से सोमवार तड़के करीब 18 किलो चांदी चोरी हो गई। इसकी कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त कारखाने में दो कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन चोर ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि उन्हें भनक तक नहीं लगी।
कहां हुई चोरी?
रिपोर्टों के अनुसार यह कारखाना पोखरपुर में पवन दाल मिल परिसर में स्थित है। यहां बाजार से चांदी खरीदकर लाई जाती है और उसे गलाने का काम होता है।
कारखाना महाराष्ट्र के मूल निवासी नितिन टोपे का है। नितिन और उनके भाई निखिल नयागंज में "स्वास्तिक टंच" नाम से दुकान चलाते हैं। दोनों भाई नौबस्ता के संजय गांधी नगर में रहते हैं। रिपोर्टों के अनुसार नितिन ने दो साल पहले यह गोदाम 10 हजार रुपये महीने किराए पर लिया था।
शुक्रवार को ही आई थी चांदी
रिपोर्टों के अनुसार चोरी से पहले शुक्रवार को चांदी कारखाने में लाई गई थी। सोमवार तड़के चोर ने वारदात को अंजाम दिया। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या चोर को पहले से पता था कि कारखाने में बड़ी मात्रा में चांदी रखी है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
कर्मचारी थे, फिर भी नहीं लगी भनक
घटना के समय कारखाने में दो कर्मचारी कैप्टन और सचिन मौजूद थे। रिपोर्टों के अनुसार कैप्टन नीचे के कमरे में सो रहा था, जबकि सचिन छत पर था। इसके बावजूद दोनों को चोरी का पता नहीं चला। रिपोर्ट के उपशीर्षक में चोर के रस्सी के सहारे पहुंचने की बात कही गई है, जबकि विवरण में छत के रास्ते घुसने का जिक्र है।
सीसीटीवी में कैद हुआ चोर
कारखाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में चोर की तस्वीर कैद हो गई है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए। एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।
पड़ोसी गोदाम में मिले मिट्टी के निशान
रिपोर्टों के अनुसार पुलिस को पड़ोस के एक गोदाम में मिट्टी के निशान मिले हैं। पुलिस को शक है कि चोर उसी गोदाम के रास्ते कारखाने तक पहुंचा। यह सुराग पुलिस के लिए अहम माना जा रहा है।
पांच टीमें तलाश में
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए पांच टीमें बनाई हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आम तौर पर ऐसे मामलों में पुलिस इन बिंदुओं पर जांच करती है:
कारखाने और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज
घटना के समय आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डेटा
कारखाने से जुड़े पुराने और मौजूदा कर्मचारियों से पूछताछ
चांदी खरीदने-बेचने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर
इलाके के पुराने चोरों और गिरोहों का रिकॉर्ड
कानपुर का सराफा कारोबार
कानपुर का नयागंज, चौक और बिरहाना रोड इलाका सोने-चांदी के कारोबार के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है। यहां से आसपास के कई जिलों में गहने और कच्ची धातु की सप्लाई होती है। शहर के बाहरी इलाकों में कई छोटे-छोटे कारखाने हैं, जहां चांदी को गलाने, शुद्ध करने और ढालने का काम होता है। इनमें कई जगह सुरक्षा के इंतजाम सीमित होते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।
चांदी इतनी कीमती क्यों?
पिछले कुछ समय में चांदी की कीमतों में काफी तेजी आई है। उद्योगों में बढ़ती मांग, जैसे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स, और निवेश के लिए खरीदारी के कारण चांदी की मांग बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार 18 किलो चांदी की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है। ऐसे में चांदी का कारोबार करने वाले कारखाने और गोदाम चोरों के निशाने पर रहते हैं।
कारोबारियों के लिए सुरक्षा उपाय
इस घटना से सराफा और धातु कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कई सबक निकलते हैं:
कीमती माल का भंडारण: बड़ी मात्रा में धातु को रात में कारखाने में छोड़ने की बजाय मजबूत तिजोरी या बैंक लॉकर में रखें।
छत और पिछले रास्तों की सुरक्षा: छत के दरवाजे, रोशनदान और पीछे के रास्तों पर मजबूत ग्रिल और ताले लगवाएं।
अलार्म सिस्टम: दरवाजे, खिड़की और छत पर सेंसर वाला अलार्म लगवाएं, जो किसी के घुसते ही बज जाए।
सीसीटीवी की लाइव मॉनिटरिंग: कैमरे केवल रिकॉर्डिंग के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल पर लाइव देखने और मूवमेंट अलर्ट के लिए सेट करें।
रात की चौकीदारी: रात में जागने वाले प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड रखें।
कर्मचारियों का सत्यापन: सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूर कराएं।
माल की जानकारी गोपनीय रखें: कब और कितना माल आया, इसकी जानकारी कम से कम लोगों तक रखें।
बीमा: कीमती माल और कारखाने का बीमा जरूर कराएं, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
पड़ोसी कारोबारियों की भूमिका
औद्योगिक परिसरों में कई गोदाम और कारखाने एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इस मामले में भी पड़ोसी गोदाम के रास्ते चोर के आने का शक है। इसलिए जरूरी है कि एक परिसर के सभी कारोबारी मिलकर साझा सुरक्षा व्यवस्था करें, जैसे परिसर के मुख्य गेट पर गार्ड, साझा सीसीटीवी और रात में गश्त।
त्योहारों में बढ़ी सतर्कता की जरूरत
नवरात्र, धनतेरस और दिवाली के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी कई गुना बढ़ जाती है। इस दौरान कारोबारियों के पास बड़ी मात्रा में माल रहता है, जिससे चोरी और लूट का खतरा भी बढ़ जाता है। पुलिस आम तौर पर त्योहारों में सराफा बाजारों में गश्त बढ़ाती है। कारोबारी भी अपनी ओर से अतिरिक्त सतर्कता बरतें और किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
kanpur.live की राय
45 लाख रुपये की चोरी किसी भी कारोबारी के लिए बड़ा झटका है। सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मिले सुरागों से पुलिस को जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है। यह घटना शहर के छोटे-बड़े सभी कारोबारियों के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा पर खर्च बचत नहीं, बल्कि जरूरी निवेश है। हम इस मामले के खुलासे की जानकारी आप तक पहुंचाएंगे।
हाल के महीनों में बढ़ी बड़ी चोरियां
त्योहारी सीजन से पहले शहर में कीमती धातुओं और नकदी से जुड़ी चोरी की घटनाएं कारोबारियों की चिंता बढ़ाती हैं। ऐसे मामलों में अक्सर यह देखा गया है कि चोर पहले इलाके की रेकी करते हैं, कर्मचारियों की आदतों और माल आने-जाने के समय का पता लगाते हैं और फिर मौका देखकर वारदात करते हैं। इसलिए कारोबारियों को अपने कारखाने या दुकान के आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति के बार-बार दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
बीमा का दावा कैसे करें?
अगर किसी कारोबारी का माल चोरी होता है और उसने बीमा कराया हुआ है, तो उसे तुरंत पुलिस में एफआईआर दर्ज करानी चाहिए और बीमा कंपनी को लिखित सूचना देनी चाहिए। दावे के लिए एफआईआर की कॉपी, चोरी गए माल के खरीद बिल, स्टॉक रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। इसलिए हर कारोबारी को अपने स्टॉक का सही रिकॉर्ड रखना चाहिए।
कर्मचारियों से भी पूछताछ
ऐसे मामलों में पुलिस आम तौर पर कारखाने में मौजूद कर्मचारियों से भी विस्तार से पूछताछ करती है, ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने उस रात कुछ असामान्य देखा या सुना था या नहीं। इसका मतलब यह नहीं होता कि कर्मचारियों पर शक है, बल्कि यह जांच की सामान्य प्रक्रिया है। उनके बयान से घटना के समय और चोर के आने-जाने के रास्ते को समझने में मदद मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1. चोरी कहां हुई? चकेरी थाना क्षेत्र के पोखरपुर में पवन दाल मिल परिसर स्थित चांदी प्रोसेसिंग कारखाने में।
प्रश्न 2. कितनी चांदी चोरी हुई? करीब 18 किलो, जिसकी कीमत लगभग 45 लाख रुपये बताई गई है।
प्रश्न 3. चोरी कब हुई? सोमवार, 12 अक्टूबर की तड़के।
प्रश्न 4. कारखाना किसका है? नितिन टोपे का, जो अपने भाई निखिल के साथ नयागंज में "स्वास्तिक टंच" नाम से दुकान चलाते हैं।
प्रश्न 5. क्या चोर की पहचान हुई? चोर सीसीटीवी में कैद हुआ है। पुलिस फुटेज के आधार पर तलाश कर रही है।
प्रश्न 6. पुलिस क्या कर रही है? पांच टीमें बनाई गई हैं, फॉरेंसिक जांच हुई है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ चल रही है।
प्रश्न 7. कारोबारी चोरी से कैसे बचें? अलार्म सिस्टम, लाइव सीसीटीवी, रात की चौकीदारी, कर्मचारियों का सत्यापन और कीमती माल का सुरक्षित भंडारण करें।
स्रोत: पुलिस के बयानों पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 12 अक्टूबर 2026।
Source: google
More Local News

7 hours ago
नवरात्र में गंदगी पर सख्ती: कानपुर नगर आयुक्त के निरीक्षण में मिला कूड़ा, दो सफाई नायकों को नोटिस, कर्मचारियों का एक दिन का वेतन कटा

2 days ago
कानपुर में पैर पसार रहा डेंगू: एक दिन में 12 नए मरीज, सिविल लाइंस से बिठूर तक फैला संक्रमण; फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान तेज

2 days ago
