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नवरात्र में गंदगी पर सख्ती: कानपुर नगर आयुक्त के निरीक्षण में मिला कूड़ा, दो सफाई नायकों को नोटिस, कर्मचारियों का एक दिन का वेतन कटा

नवरात्र में निरीक्षण के दौरान आशादेवी मंदिर और आवास विकास में गंदगी मिलने पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने सफाई नायकों को नोटिस दिए। पनकी प्लांट की कंपनी को 50 हजार रोज जुर्माने की चेतावनी।

12 अक्टूबर 2026 को 07:53 pm बजे
नवरात्र में गंदगी पर सख्ती: कानपुर नगर आयुक्त के निरीक्षण में मिला कूड़ा, दो सफाई नायकों को नोटिस, कर्मचारियों का एक दिन का वेतन कटा
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मुख्य बातें:

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने सोमवार को नवरात्र के दौरान जोन-6 का निरीक्षण किया।
कल्याणपुर के इंदिरा नगर में आशादेवी मंदिर मैदान और आवास विकास डबल रोड पर कूड़ा मिला।
दो सफाई नायकों विमल कुमार और राकेश को नोटिस जारी किए गए और सफाई कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटा गया।
पनकी भवसिंह स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की सड़क पर कूड़ा मिलने पर कंपनी को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
तय समय में कूड़ा न हटने पर प्रति वाहन प्रति दिन 50 हजार रुपये जुर्माने की चेतावनी दी गई।

नवरात्र के दौरान जब शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है, उसी समय सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने सोमवार को शहर के जोन-6 का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कई जगह गंदगी मिलने पर उन्होंने दो सफाई नायकों को नोटिस जारी किया और संबंधित सफाई कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।

कहां-कहां हुआ निरीक्षण?

रिपोर्टों के अनुसार नगर आयुक्त ने जोन-6 के कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया:

आशादेवी मंदिर क्षेत्र
हैलट
गोल चौराहा
पनकीधाम मंदिर चौराहा
भाटिया तिराहा

नवरात्र के दौरान इन इलाकों, खासकर मंदिरों के आसपास, बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए यहां साफ-सफाई की व्यवस्था पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।

किन पर हुई कार्रवाई?

1. इंदिरा नगर, कल्याणपुर (आशादेवी मंदिर मैदान):

मैदान में कूड़ा पड़ा मिला।
वार्ड-17 के सफाई नायक विमल कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
एक सफाई कर्मचारी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

2. आवास विकास, डबल रोड:

यहां भी गंदगी मिली।
सफाई नायक राकेश को नोटिस दिया गया।
एक सफाई कर्मचारी का एक दिन का वेतन रोका गया।
निरीक्षण में दिए गए निर्देश

नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान कई निर्देश भी दिए:

रामलीला मैदान की सफाई: आशादेवी मंदिर के पास स्थित रामलीला मैदान की तुरंत सफाई कराई जाए।
नया कूड़ा संग्रह केंद्र: सीएम ग्रिड क्षेत्र में बगिया चौराहे से केसा आवास विकास तक भारी मात्रा में कूड़ा मिला। यहां पीसीटीएस (कूड़ा संग्रह केंद्र) बनाने के निर्देश दिए गए।
सड़क की मरम्मत: पनकी भवसिंह स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के सेक्शन 3-ए और 3-बी के बीच की सड़क की मरम्मत कराने को कहा गया।

जोनल अभियंता ने बताया कि रामलीला मैदान की मुख्य सड़क पर सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड बनाने की फाइल स्वीकृत हो चुकी है।

पनकी प्लांट की कंपनी को अल्टीमेटम

निरीक्षण के दौरान पनकी भवसिंह स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में मुख्य गेट से प्री-सॉर्टिंग सेक्शन 3-ए तक सड़क पर कूड़ा पड़ा मिला। इस पर नगर आयुक्त ने सख्त निर्देश दिए:

कूड़ा दो दिन के भीतर हटाया जाए।
तय समय में कूड़ा न हटाने पर कंपनी पर प्रति वाहन प्रति दिन 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
शनिवार तक काम पूरा न होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट क्या है?

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट वह जगह है, जहां शहर भर से इकट्ठा किया गया कूड़ा लाया जाता है। यहां कूड़े को अलग-अलग किया जाता है, जैसे गीला कूड़ा, सूखा कूड़ा, प्लास्टिक, धातु और दूसरी चीजें। गीले कूड़े से खाद बनाई जाती है और रिसाइकिल होने वाले सामान को अलग किया जाता है। आम तौर पर ऐसे प्लांट निजी कंपनियों के जरिए चलाए जाते हैं, जिनके साथ नगर निगम का अनुबंध होता है। अगर प्लांट तक जाने वाली सड़क ही कूड़े से भरी हो, तो इससे पूरी व्यवस्था पर सवाल उठता है।

सफाई नायक की क्या जिम्मेदारी होती है?

नगर निगम में हर वार्ड या क्षेत्र के लिए सफाई नायक (सफाई सुपरवाइजर) तैनात होते हैं। इनकी जिम्मेदारियां हैं:

अपने क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों की रोजाना हाजिरी लेना।
तय रूट पर झाड़ू और कूड़ा उठान सुनिश्चित करना।
कूड़ा संग्रह केंद्रों से समय पर कूड़ा उठवाना।
नालियों की सफाई की निगरानी करना।
शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई कराना।

इसलिए किसी क्षेत्र में गंदगी मिलने पर सबसे पहले सफाई नायक से जवाब मांगा जाता है।

कारण बताओ नोटिस का मतलब

कारण बताओ नोटिस में कर्मचारी से पूछा जाता है कि उसके क्षेत्र में लापरवाही क्यों हुई और क्यों न उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कर्मचारी को तय समय में लिखित जवाब देना होता है। जवाब संतोषजनक न होने पर आगे विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

नवरात्र में सफाई क्यों है जरूरी?

नवरात्र और आगे आने वाले दशहरा व दिवाली के दौरान मंदिरों, पंडालों, बाजारों और मेलों में भारी भीड़ रहती है। इन दिनों पूजा सामग्री, फूल, प्लास्टिक और खाने-पीने की चीजों का कचरा भी बढ़ जाता है। अगर समय पर सफाई न हो, तो:

श्रद्धालुओं को परेशानी होती है।
बदबू और गंदगी से माहौल खराब होता है।
मच्छर और मक्खियां पनपती हैं, जिससे डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
शहर की छवि खराब होती है।

हाल ही में कानपुर में डेंगू के नए मामले सामने आए हैं, ऐसे में साफ-सफाई और भी जरूरी हो जाती है।

नागरिकों की भी है जिम्मेदारी

शहर को साफ रखना सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। नागरिक भी इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं:

कूड़ा सड़क या खाली प्लॉट पर न फेंकें, केवल कूड़ा गाड़ी या कूड़ेदान में डालें।
घर पर ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखें।
पूजा के फूल और सामग्री नदी-नालों में डालने की बजाय तय स्थानों पर डालें।
प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल कम करें।
मोहल्ले में कूड़ा न उठने पर नगर निगम में शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत कहां करें?

अगर आपके इलाके में कूड़ा नहीं उठ रहा या सफाई कर्मचारी नहीं आ रहे, तो आप कानपुर नगर निगम के कॉल सेंटर, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल या स्वच्छता ऐप पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत में जगह का सही पता और फोटो जरूर जोड़ें, ताकि कार्रवाई में आसानी हो। उत्तर प्रदेश सरकार के जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर भी शिकायत की जा सकती है।

स्वच्छता रैंकिंग पर नजर

केंद्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण में शहरों की सफाई व्यवस्था का हर साल मूल्यांकन होता है। इसमें कूड़ा उठान, कूड़े का निस्तारण, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति और नागरिकों की राय जैसे कई पैमाने होते हैं। कानपुर जैसे बड़े शहर के लिए बेहतर रैंकिंग हासिल करना एक लगातार चुनौती रही है। ऐसे औचक निरीक्षण और कार्रवाई इसी दिशा में उठाए गए कदम माने जाते हैं।

kanpur.live की राय

औचक निरीक्षण और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई से जमीनी स्तर पर जवाबदेही बढ़ती है। खासकर त्योहारों के समय सफाई पर सख्ती जरूरी है। साथ ही यह भी जरूरी है कि सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त संसाधन, उपकरण और समय पर वेतन मिले, ताकि वे बेहतर काम कर सकें। स्वच्छ कानपुर के लिए प्रशासन, कर्मचारी और नागरिक तीनों को मिलकर काम करना होगा।

शहर में कूड़ा प्रबंधन की चुनौतियां

कानपुर जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहर में रोजाना सैकड़ों टन कूड़ा निकलता है। इसमें घरों का कूड़ा, बाजारों का कचरा, निर्माण का मलबा और औद्योगिक कचरा शामिल होता है। इतने बड़े पैमाने पर कूड़े को रोज उठाना, अलग करना और सही तरीके से निपटाना आसान काम नहीं है। कई इलाकों में खाली प्लॉट अवैध कूड़ा घर बन जाते हैं, जहां लोग कूड़ा फेंक देते हैं। ऐसे स्थानों पर पीसीटीएस बनाकर कूड़े को व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा करने की कोशिश की जाती है।

सफाई कर्मचारियों की भी सुनें

सफाई कर्मचारी शहर को साफ रखने की सबसे अहम कड़ी हैं। सुबह-सुबह सड़कों पर झाड़ू लगाने से लेकर नालियों की सफाई तक, वे कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। कई बार उनके पास पर्याप्त दस्ताने, मास्क, झाड़ू और कूड़ा गाड़ियां नहीं होतीं। लापरवाही पर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण और काम के लिए जरूरी संसाधन समय पर मिलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. निरीक्षण किसने किया? कानपुर के नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने।

प्रश्न 2. किन सफाई नायकों को नोटिस मिला? वार्ड-17 के सफाई नायक विमल कुमार और आवास विकास क्षेत्र के सफाई नायक राकेश को।

प्रश्न 3. कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई हुई? दो सफाई कर्मचारियों का एक-एक दिन का वेतन काटा या रोका गया।

प्रश्न 4. पनकी प्लांट की कंपनी को क्या चेतावनी दी गई? दो दिन में कूड़ा न हटाने पर प्रति वाहन प्रति दिन 50 हजार रुपये जुर्माना और शनिवार तक काम न होने पर कानूनी कार्रवाई।

प्रश्न 5. पीसीटीएस कहां बनाने के निर्देश दिए गए? सीएम ग्रिड क्षेत्र में बगिया चौराहे से केसा आवास विकास तक।

प्रश्न 6. रामलीला मैदान की सड़क का क्या होगा? जोनल अभियंता के अनुसार सीसी रोड बनाने की फाइल स्वीकृत हो चुकी है।

प्रश्न 7. कूड़ा न उठने की शिकायत कहां करें? नगर निगम के कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल या जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर।

स्रोत: नगर निगम के निरीक्षण पर आधारित स्थानीय रिपोर्ट, 12 अक्टूबर 2026।

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